"सरहद पार प्यार: पाकिस्तान में बंद बादल, रिहाई के बाद निकाह का इंतजार"
Cross-Border Love: Badal Detained in Pakistan
अलीगढ़। Cross-Border Love: Badal Detained in Pakistan, सरहदें अक्सर नक्शों पर खिंची लकीरें होती हैं, लेकिन दिल जब ठान ले तो ये लकीरें भी धुंधली पड़ जाती हैं। कुछ ऐसा ही अब अलीगढ़ के बादल बाबू और पाकिस्तान की सना के बीच हो रहा है। जहां दूरी, बंदिशें और हालात सब हैं, मगर उम्मीद भी उतनी ही जिद्दी है।
इसके सामने सना बदल गई है। निकाह से अब तक इन्कार करती रही सना चार दिन पहले लाहौर डिटेंशन सेंटर में बंद बादल से मिली। बोली, रिहा होकर अपने वतन लौट जाओ…। फिर पासपोर्ट-वीजा लेकर वापस आना…। निकाह करके ले जाना।
बरला के गांव नगला खिटकारी निवासी बादल बाबू करीब डेढ़ वर्ष से पाकिस्तान में बंद है। इससे पहले दिल्ली की एक एक्सपोर्ट कंपनी में सिलाई का कार्य करता था। वर्ष 2022 में फेसबुक के जरिए उसे पाकिस्तान के बहाउद्दीन मंडी के माउंग गांव की सना से दोस्ती हो गई।
यह प्यार में बदली तो बिना वीजा, पासपोर्ट के वह सरहद पार कर युवती से मिलने पाकिस्तान पहुंच गया। 27 दिसंबर, 2024 को उसे पाकिस्तान पुलिस ने गिरफ्तार किया। जेल में उसने धर्म बदल लिया। आदल नाम रख लिया। ट्रायल के बाद बादल को 13 मई, 2025 को एक साल की सजा सुनाई गई।
26 दिसंबर 2025 को रिहा कर दिया गया। पांच हजार रुपये जुर्माना न भरने के एवज में उसे लाहौर के डिटेंशन सेंटर में रखा गया है। करांची के वकील फियाज रामे उसकी पैरवी कर रहे हैं। मंगलवार को उन्होंने डिटेंशन सेंटर में बादल से करीब एक घंटे तक मुलाकात की।
इसकी जानकारी उन्होंने वहां मीडिया को दी। का वीडियो प्रसारित हो रहा है। इसमें वकील फियाज रामे ने बताया कि मुलाकात के दौरान बादल बाबू ने उन्हें बताया कि वह सना से शादी करना चाहता है और पाकिस्तान में ही रहना चाहता है।
यह भी बताया कि सना उससे जेल में दो बार मिलने आई थी। चार दिन पहले डिटेंशन सेंटर में भी उससे मिलकर गई है। सना ने उससे बोला था कि रिहाई के बाद वह अपने वतन लौट जाए। पासपोर्ट, वीजा के साथ दोबारा पाकिस्तान आए। वह उससे शादी कर लेगी।
शादी के बाद वह उसे भारत भी लेकर जा सकता है। अन्यथा पाकिस्तान में भी रह सकता है। उन्होंने बताया कि बादल की रिहाई के लिए हाईकोर्ट में अपील डाली है। जल्द ही सुनवाई होगी।
माता-पिता से वीडियो कॉल पर बात की नहीं मिली अनुमति
वकील फियाज रामे ने बताया कि काफी प्रयास के बाद भी बादल बाबू की उसके माता-पिता से वीडियो कॉल पर बात नहीं हो सकी है। माता-पिता से वीडियो कॉल के जरिए बात कराने की अनुमति नहीं मिल सकी। बादल के पिता कृपाल सिंह ने बताया कि मंगलवार को डीएम संजीव रंजन से भी मुलाकात की थी। डीएम ने हर संभव मदद का आश्वासन दिया है। अभी उनका पासपोर्ट बनकर नहीं आया है। वह भी बेटे की रिहाई के लिए पाकिस्तान जाएंगे।